सराफा अगर इंदौर की रात का स्वाद है, तो 56 दुकान पूरे दिन का। न्यू पलासिया इलाके में बनी यह फ़ूड स्ट्रीट नाम के मुताबिक कभी लगभग छप्पन दुकानों की कतार थी, और आज यह इंदौर के युवाओं, परिवारों और शहर घूमने आए लोगों की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है।
सराफा से कैसे अलग है
सराफा देर रात खुलता है, जबकि 56 दुकान पर सुबह के नाश्ते से लेकर रात तक कुछ न कुछ मिलता रहता है। यहाँ की दुकानें स्थायी हैं, बैठने और घूमने की जगह ज़्यादा खुली है, और भीड़ भी अपेक्षाकृत व्यवस्थित रहती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस इलाके को पैदल चलने वालों के हिसाब से नया रूप भी दिया गया।
यहाँ क्या खाएं
- पोहा-जलेबी: इंदौर का असली नाश्ता। ऊपर से सेव, प्याज़ और जीरावन मसाला।
- हॉट डॉग और एग बेंजो: 56 दुकान के हॉट डॉग पीढ़ियों से मशहूर हैं।
- चाट और पानीपुरी: खट्टी-मीठी चटनी के साथ इंदौरी अंदाज़ की चाट।
- सैंडविच, बर्गर और पिज़्ज़ा: युवाओं की पहली पसंद।
- मिठाई और शेक: रबड़ी, गुलाब जामुन, फ़ालूदा, कोल्ड कॉफ़ी और कई तरह के शेक।
कब जाएं
सुबह 8 से 11 बजे के बीच नाश्ते के लिए जाएं तो पोहा-जलेबी गरमा-गरम मिलेगी। शाम 6 बजे के बाद यहाँ सबसे ज़्यादा रौनक रहती है। वीकेंड पर पार्किंग मिलने में समय लग सकता है।
टिप्स
- एक दुकान पर बैठने की बजाय घूम-घूमकर अलग-अलग चीज़ें चखें।
- पीक टाइम में ऑर्डर के लिए लाइन लग सकती है, थोड़ा धैर्य रखें।
- स्टील की बोतल साथ रखें; प्लास्टिक कम इस्तेमाल करें। इंदौर स्वच्छता को लेकर गंभीर है और कचरा इधर-उधर फेंकने पर जुर्माना भी लग सकता है।
रात के खाने का प्लान है तो सराफा बाज़ार की हमारी गाइड भी पढ़ें।
