मोबाइल और UPI ने ज़िंदगी आसान की है, लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेज़ी से बढ़े हैं। ठग हर दिन नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन लगभग हर ठगी के पीछे दो ही चीज़ें होती हैं: डर या लालच। इन तरीकों को पहचान लें, तो ज़्यादातर ठगी से बचा जा सकता है।

1. “डिजिटल अरेस्ट”

ठग खुद को पुलिस, CBI, कस्टम या किसी जाँच एजेंसी का अफ़सर बताकर वीडियो कॉल करते हैं। कहते हैं कि आपके नाम से कोई ग़ैरक़ानूनी पार्सल पकड़ा गया है या आपका आधार किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है, और “जाँच” के नाम पर पैसे ट्रांसफ़र करवाते हैं।

याद रखें: भारत में कोई भी जाँच एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तारी नहीं करती और न ही फ़ोन पर पैसे माँगती है। ऐसा कॉल आए तो तुरंत काट दें।

2. फर्जी KYC या बिजली कनेक्शन कटने का मैसेज

“आपका बैंक खाता/सिम आज बंद हो जाएगा, KYC अपडेट करें” या “बिजली बिल बकाया है, आज रात कनेक्शन कटेगा” जैसे मैसेज के साथ एक लिंक या नंबर दिया जाता है। लिंक खोलते ही या ऐप डाउनलोड करते ही फ़ोन का कंट्रोल ठग के पास जा सकता है।

3. UPI पर “पैसे पाने” का झाँसा

पैसे पाने के लिए कभी UPI PIN नहीं डालना होता। अगर कोई कहे कि “पैसे भेज रहा हूँ, बस PIN डालकर कन्फ़र्म कर दो”, तो समझ लीजिए ठगी हो रही है।

4. घर बैठे कमाई और “टास्क” वाली ठगी

व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर वीडियो लाइक करने या रिव्यू लिखने के बदले पैसे देने का ऑफ़र आता है। शुरुआत में थोड़े पैसे दिए भी जाते हैं, फिर “बड़े टास्क” के नाम पर निवेश करवाकर पूरी रकम हड़प ली जाती है।

5. शेयर बाज़ार और निवेश के फर्जी ग्रुप

“गारंटीड मुनाफ़ा” दिलाने वाले ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप। स्क्रीन पर मुनाफ़ा दिखता है, लेकिन पैसा कभी निकलता नहीं। निवेश सिर्फ़ SEBI में रजिस्टर्ड ब्रोकर और आधिकारिक ऐप से ही करें।

6. फर्जी कस्टमर केयर नंबर

इंटरनेट पर किसी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर खोजते समय ठगों के डाले हुए नकली नंबर मिल जाते हैं। हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही नंबर लें।

7. वीडियो कॉल से ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन)

अनजान नंबर से वीडियो कॉल उठाते ही आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल किया जाता है। ऐसी स्थिति में डरें नहीं, पैसे न दें और तुरंत शिकायत करें।

8. OTP, स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट ऐप

कोई भी बैंक या कंपनी आपसे OTP, PIN या पासवर्ड नहीं माँगती। किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस वाले ऐप इंस्टॉल न करें।

ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शुरुआती घंटों में शिकायत होने पर ठगी का पैसा रुकवाने की संभावना ज़्यादा रहती है।
  • अपने बैंक को तुरंत सूचना देकर कार्ड या खाता ब्लॉक करवाएं।
  • ठग से हुई बातचीत, नंबर, ट्रांज़ैक्शन ID और स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
  • संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना सरकार के संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) की “चक्षु” सुविधा पर भी दे सकते हैं।

ज़रूरी हेल्पलाइन नंबरों की पूरी सूची के लिए पढ़ें: इंदौर के ज़रूरी हेल्पलाइन नंबर।