मुसीबत कभी बताकर नहीं आती। सड़क हादसा हो, घर में आग लगे, किसी की तबीयत अचानक बिगड़े या ऑनलाइन ठगी हो जाए, ऐसे समय में सही नंबर तुरंत याद होना बहुत ज़रूरी है। इस लेख को सेव कर लें और घर के सभी सदस्यों के साथ शेयर करें।

सबसे ज़रूरी नंबर

  • 112: राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर। पुलिस, फायर और एंबुलेंस, सभी तरह की इमरजेंसी के लिए।
  • 108: एंबुलेंस सेवा (सरकारी)।
  • 101: फायर ब्रिगेड।
  • 1930: साइबर क्राइम हेल्पलाइन। ऑनलाइन ठगी होते ही तुरंत कॉल करें; जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रुकने की संभावना उतनी ज़्यादा होगी। ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर भी कर सकते हैं।

महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए

  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन, मुसीबत में फँसे किसी भी बच्चे के लिए।
  • 14567: एल्डरलाइन, बुज़ुर्गों की मदद के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन।
  • महिलाओं से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी में 112 पर कॉल करें।

शिकायत और सरकारी सेवाएं

  • 181: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (मध्य प्रदेश), सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतों के लिए।
  • 1912: बिजली से जुड़ी शिकायतें, जैसे बिजली गुल होना या खराब मीटर।
  • 104: स्वास्थ्य सलाह हेल्पलाइन।
  • नगर निगम से जुड़ी शिकायतें (कचरा, पानी, सड़क, स्ट्रीट लाइट) नगर निगम की हेल्पलाइन या ऐप पर दर्ज की जा सकती हैं।

इंदौर के प्रमुख अस्पताल

  • महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल: शहर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, जो MGM मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है।
  • शहर में कई बड़े निजी अस्पताल भी हैं जहाँ 24 घंटे इमरजेंसी सेवा मिलती है। अपने घर के सबसे नज़दीकी अस्पताल का नंबर पहले से फ़ोन में सेव रखें।

इमरजेंसी में कॉल करते समय

  • घबराएं नहीं। सबसे पहले अपनी सही जगह बताएं: इलाका, गली और कोई बड़ा लैंडमार्क।
  • क्या हुआ है और कितने लोग प्रभावित हैं, यह साफ़ बताएं।
  • कॉल करने वाले के निर्देश सुनें और फ़ोन बंद न करें जब तक वे न कहें।

नंबर और सेवाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी नंबर के काम न करने पर 112 पर कॉल करें।