इंदौर मालवा के पठार पर समुद्र तल से लगभग 550 मीटर की ऊँचाई पर बसा है। इसी ऊँचाई की वजह से यहाँ का मौसम मध्य भारत के कई शहरों की तुलना में थोड़ा नरम रहता है। गर्मियों में दिन भले तपें, लेकिन शाम होते ही चलने वाली ठंडी हवा को लोग “शब-ए-मालवा” कहते हैं।
गर्मी (मार्च से जून)
- अप्रैल और मई सबसे गर्म महीने होते हैं। कई दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है।
- दोपहर में लू चल सकती है, लेकिन रातें आमतौर पर दिन जितनी गर्म नहीं होतीं।
- इस मौसम में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें, पानी और छाछ ज़्यादा पिएं।
बारिश (जून के अंत से सितंबर)
- मानसून आमतौर पर जून के दूसरे पखवाड़े में इंदौर पहुँचता है।
- सालाना बारिश का बड़ा हिस्सा जुलाई और अगस्त में होता है। इंदौर की औसत सालाना बारिश लगभग 900 से 1000 मिलीमीटर के आसपास मानी जाती है।
- यही मौसम आसपास के झरनों और हरियाली को देखने का सबसे अच्छा समय है, लेकिन तेज़ बारिश में निचली बस्तियों में जलभराव भी होता है।
ठंड (नवंबर से फरवरी)
- दिसंबर और जनवरी में रात का तापमान कई बार 10 डिग्री से नीचे चला जाता है, और कुछ दिनों में इससे भी कम।
- दिन धूप वाले और सुहाने रहते हैं, इसलिए सर्दी इंदौर घूमने का सबसे पसंदीदा मौसम है।
- सुबह-शाम कोहरा कम ही होता है, लेकिन ठंडी हवा के कारण बुज़ुर्गों और बच्चों को गर्म कपड़ों की ज़रूरत रहती है।
इंदौर घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय इंदौर घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इसी समय सराफा की रातें, बाहर घूमना और आसपास की ट्रिप सबसे आरामदायक रहती हैं। झरने देखने हों तो जुलाई से सितंबर चुनें। आसपास की जगहों के लिए पढ़ें इंदौर के पास घूमने की 8 जगहें।
मौसम की ताज़ा जानकारी कहाँ देखें
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD): mausam.imd.gov.in पर इंदौर का पूर्वानुमान और चेतावनियां।
- “मौसम” ऐप: IMD का आधिकारिक मोबाइल ऐप।
- भारी बारिश, लू या शीतलहर की चेतावनी पर ज़िला प्रशासन की सूचनाएं ज़रूर देखें।
