पिछले दो दशकों में इंदौर मध्य भारत के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक बन गया है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी हज़ारों छात्र यहाँ पढ़ने और कोचिंग के लिए आते हैं। देश के बहुत कम शहर ऐसे हैं जहाँ IIM और IIT, दोनों मौजूद हैं, और इंदौर उनमें से एक है।
IIM इंदौर
भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) इंदौर की स्थापना 1996 में हुई। राऊ के पास पहाड़ी पर बना इसका परिसर मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए जाना जाता है। यहाँ का पाँच साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM), जिसमें 12वीं के बाद सीधे दाखिला होता है, देश में अपनी तरह का शुरुआती कार्यक्रम था।
IIT इंदौर
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर की स्थापना 2009 में हुई। इसका स्थायी परिसर सिमरोल में है। इंजीनियरिंग, विज्ञान और शोध के क्षेत्र में संस्थान ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV)
1964 में स्थापित इस विश्वविद्यालय को बाद में देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम पर “देवी अहिल्या विश्वविद्यालय” नाम दिया गया। यह इंदौर और आसपास के कई ज़िलों के कॉलेजों को संबद्धता देता है। इसके तक्षशिला परिसर में इंजीनियरिंग (IET), मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, पत्रकारिता समेत कई विभाग हैं।
SGSITS
श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) की स्थापना 1952 में हुई। यह मध्य प्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है।
MGM मेडिकल कॉलेज
महात्मा गांधी स्मृति (MGM) मेडिकल कॉलेज प्रदेश के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में से है। इससे जुड़ा महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है।
होलकर साइंस कॉलेज
होलकर राजवंश के समय स्थापित यह कॉलेज इंदौर के सबसे पुराने कॉलेजों में से है और विज्ञान की पढ़ाई के लिए जाना जाता है।
कोचिंग हब भी है इंदौर
भंवरकुआं और आसपास का इलाका प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर राज्य सेवा परीक्षा और बैंकिंग की कोचिंग के लिए जाना जाता है। इसके अलावा इंजीनियरिंग-मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग के लिए भी बड़ी संख्या में छात्र इंदौर आते हैं।
दाखिले, फीस और सीटों की जानकारी हर साल बदलती है। आवेदन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देखें।
