भोपाल मध्य प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी है, लेकिन कारोबार, उद्योग और व्यापार की बात हो तो सबसे पहले इंदौर का नाम आता है। प्रदेश का सबसे बड़ा शहर होने के साथ-साथ इंदौर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और IT का भी बड़ा केंद्र है। इसीलिए इसे अक्सर “मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी” कहा जाता है।

व्यापार की पुरानी परंपरा

होलकर शासन के समय से ही इंदौर एक व्यापारिक शहर के रूप में विकसित हुआ। कपड़ा मिलों के दौर में यहाँ बड़ी संख्या में कपड़ा मिलें थीं, जिनकी वजह से शहर को रोज़गार और पहचान दोनों मिले। मिलें भले बंद हो गईं, लेकिन व्यापार की वह परंपरा आज भी शहर के बाज़ारों में ज़िंदा है।

थोक बाज़ार

  • सियागंज: किराना और रोज़मर्रा के सामान का बड़ा थोक बाज़ार।
  • क्लॉथ मार्केट: कपड़े का पुराना और बड़ा बाज़ार।
  • अनाज और फल-सब्ज़ी मंडियां: आसपास के ज़िलों के किसान अपनी उपज बेचने इंदौर की मंडियों में आते हैं।
  • सर्राफ़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो पार्ट्स के भी बड़े बाज़ार शहर में हैं।

पीथमपुर: उद्योगों का केंद्र

इंदौर से सटा पीथमपुर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से है। यहाँ ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स, फ़ार्मा और कई दूसरी इंडस्ट्री की फ़ैक्ट्रियां हैं, जिनमें हज़ारों लोगों को रोज़गार मिलता है।

सोयाबीन का शहर

मालवा क्षेत्र सोयाबीन की खेती के लिए जाना जाता है और इंदौर सोयाबीन कारोबार का बड़ा केंद्र है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) का मुख्यालय भी इंदौर में ही है।

IT और सुपर कॉरिडोर

पिछले कुछ सालों में इंदौर IT कंपनियों के लिए भी एक उभरता हुआ शहर बना है। सुपर कॉरिडोर पर TCS और Infosys जैसी बड़ी कंपनियों के कैंपस हैं, और शहर के IT पार्कों में कई स्टार्टअप और मध्यम आकार की कंपनियां काम करती हैं। IIM और IIT जैसे संस्थानों की मौजूदगी से कंपनियों को यहाँ प्रतिभा भी आसानी से मिलती है।

निवेश और आयोजन

इंदौर ने कई बड़े निवेश सम्मेलनों की मेज़बानी की है। जनवरी 2023 में यहाँ प्रवासी भारतीय दिवस और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हुए थे।

आगे क्या

मेट्रो, नई सड़कें और बढ़ता हवाई संपर्क इंदौर के कारोबार को और रफ़्तार देने वाले हैं। इंदौर के बाज़ार और कारोबार से जुड़ी ख़बरों के लिए हमारा बिज़नेस सेक्शन देखते रहें।