ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब एजेंटों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है। ज़्यादातर प्रक्रिया केंद्र सरकार के “सारथी” पोर्टल पर ऑनलाइन होती है, और RTO सिर्फ़ ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाना पड़ता है। इंदौर में भी यही प्रक्रिया लागू है।

पहला कदम: लर्निंग लाइसेंस

किसी भी वाहन का पक्का लाइसेंस बनवाने से पहले लर्निंग लाइसेंस (LL) बनवाना ज़रूरी है।

  • sarathi.parivahan.gov.in पर जाएं और राज्य में “मध्य प्रदेश” चुनें।
  • “Apply for Learner Licence” पर क्लिक करके फ़ॉर्म भरें।
  • दस्तावेज़ अपलोड करें, फीस ऑनलाइन जमा करें और टेस्ट का समय चुनें।
  • लर्निंग लाइसेंस के लिए ट्रैफिक नियमों और संकेतों पर आधारित एक छोटा टेस्ट होता है। आधार से जुड़ी सुविधा उपलब्ध होने पर यह टेस्ट ऑनलाइन घर से भी दिया जा सकता है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (पहचान और पते के लिए)
  • उम्र का प्रमाण, जैसे 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो और हस्ताक्षर (ऑनलाइन अपलोड के लिए)
  • 40 साल से ज़्यादा उम्र होने पर, या व्यावसायिक लाइसेंस के लिए, मेडिकल सर्टिफ़िकेट (फ़ॉर्म 1-A)

उम्र की शर्तें

  • बिना गियर वाले 50cc तक के दोपहिया के लिए: 16 साल (अभिभावक की सहमति के साथ)
  • गियर वाले दोपहिया और कार के लिए: 18 साल
  • व्यावसायिक वाहनों के लिए नियम अलग हैं।

दूसरा कदम: पक्का ड्राइविंग लाइसेंस

  • लर्निंग लाइसेंस बनने के कम से कम 30 दिन बाद, और उसकी वैधता खत्म होने से पहले, पक्के लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
  • सारथी पोर्टल पर “Apply for Driving Licence” चुनें, फीस जमा करें और ड्राइविंग टेस्ट का अपॉइंटमेंट लें।
  • तय दिन पर अपने वाहन और मूल दस्तावेज़ों के साथ इंदौर RTO के टेस्ट ट्रैक पर पहुँचें।
  • टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस डाक से घर आता है। इसकी डिजिटल कॉपी DigiLocker या mParivahan ऐप में भी रखी जा सकती है, जो पूरी तरह मान्य है।

काम की बातें

  • हमेशा आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें; मिलती-जुलती नकली वेबसाइटों से बचें।
  • फीस ऑनलाइन ही जमा होती है और रसीद पोर्टल पर मिलती है।
  • आवेदन की स्थिति सारथी पोर्टल पर “Application Status” में देख सकते हैं।

फीस, नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन से पहले परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देखें।