“स्वच्छता में नंबर 1” अब इंदौर की पहचान बन चुका है। केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर 2017 से लगातार पहले स्थान पर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के परिणाम (17 जुलाई 2025) में इंदौर लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर बना, और उसे नई बनाई गई “सुपर स्वच्छ लीग” में रखा गया। यह श्रेणी उन शहरों के लिए है जो सालों से स्वच्छता में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
लेकिन यह सफलता एक दिन में नहीं मिली। इसके पीछे एक पूरा सिस्टम है, जिसे अब देश के कई शहर “इंदौर मॉडल” के नाम से अपनाने की कोशिश करते हैं।
1. घर-घर से कचरा संग्रहण
हर मोहल्ले में नगर निगम की कचरा गाड़ियां तय समय पर आती हैं। गाड़ियों पर बजने वाला स्वच्छता गीत लोगों को याद दिलाता है कि कचरा गाड़ी आ गई है। इससे सड़क किनारे कचरा फेंकने की आदत लगभग खत्म हो गई।
2. स्रोत पर ही कचरे का बँटवारा
घरों में ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाता है, और आगे इसे और भी श्रेणियों में बाँटा जाता है। अलग-अलग कचरे का अलग इस्तेमाल होता है: गीले कचरे से खाद और गैस बनती है, सूखे कचरे को रीसायकल किया जाता है।
3. कचरे से कमाई: बायो-सीएनजी प्लांट
देवगुराड़िया में बना “गोबर-धन” बायो-सीएनजी प्लांट गीले कचरे से गैस बनाता है। इसका उद्घाटन फरवरी 2022 में हुआ था और इसे एशिया के बड़े प्लांटों में गिना जाता है। इससे बनी गैस शहर की बसों में भी इस्तेमाल होती है।
4. पुराने कचरे के पहाड़ का अंत
देवगुराड़िया का ट्रेंचिंग ग्राउंड कभी कचरे के विशाल ढेर के लिए जाना जाता था। वर्षों से जमा पुराने कचरे को प्रोसेस करके हटाया गया और उस ज़मीन को हरियाली में बदला गया।
5. पानी की स्वच्छता: “वाटर प्लस”
इंदौर 2021 में देश का पहला “वाटर प्लस” प्रमाणित शहर बना। इसका मतलब है कि शहर का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के नदी-नालों में नहीं छोड़ा जाता।
6. नागरिकों की भागीदारी
इस पूरे मॉडल की असली ताकत इंदौर के लोग हैं। दुकानदार डस्टबिन रखते हैं, लोग कचरा अलग करते हैं, और गंदगी फैलाने पर जुर्माने का डर भी काम करता है। स्वच्छता अब नियम से ज़्यादा शहर की आदत बन चुकी है।
आप क्या कर सकते हैं
- गीला और सूखा कचरा अलग रखें और कचरा गाड़ी में ही दें।
- सड़क, नाले या खाली प्लॉट में कचरा न फेंकें।
- प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, कपड़े का थैला साथ रखें।
- गंदगी दिखे तो नगर निगम के शिकायत माध्यमों (हेल्पलाइन या 311 ऐप) पर सूचना दें।
